राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर टकराईं, कई घायल; मानहानि केस में कोर्ट से बरी हुए राहुल गांधी
सुल्तानपुर, 26 अक्टूबर 2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के काफिले के साथ सोमवार सुबह उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसा हो गया। लखनऊ से सुल्तानपुर जा रहे राहुल गांधी की कार के पीछे चल रही कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं। हादसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पार्टी पदाधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों सहित कई लोग घायल हुए। हालांकि, राहुल गांधी की कार दुर्घटना में शामिल नहीं थी और वह पूरी तरह सुरक्षित रहे।
हादसे के बाद राहुल गांधी सुल्तानपुर की अदालत पहुंचे, जहां उन्हें 2018 के मानहानि मामले में बरी कर दिया गया।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी 26 अक्टूबर 2026 की सुबह लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए थे। सुबह करीब 10:15 बजे सुल्तानपुर जिले के हलियापुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के 89.5 से 91 किलोमीटर के बीच काफिले के पीछे चल रही गाड़ियों में टक्कर हो गई।
बताया गया कि काफिले के साथ चल रहे स्थानीय कांग्रेस नेताओं के एक निजी वाहन ने अचानक ब्रेक लगा दिए। ब्रेक लगाने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। इसके बाद पीछे आ रही कई गाड़ियां एक-दूसरे से टकरा गईं।
अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में कम से कम तीन से पांच कारें और काफिले के साथ या उसके आसपास चल रही एक एंबुलेंस भी शामिल थी। राहुल गांधी की कार इन वाहनों से आगे चल रही थी और दुर्घटना की चपेट में नहीं आई।
कांग्रेस कार्यकर्ता और सुरक्षाकर्मी घायल
हादसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पार्टी पदाधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों सहित कई लोगों को चोटें आईं। घायलों को उपचार के लिए ले जाया गया। शुरुआती कुछ रिपोर्टों में गंभीर चोट नहीं लगने की बात कही गई, हालांकि घायलों की सही संख्या और चोटों की गंभीरता को लेकर अलग-अलग जानकारियां सामने आईं।
दुर्घटना के बाद काफिला आगे रवाना हो गया और राहुल गांधी सुरक्षित सुल्तानपुर अदालत पहुंच गए।
हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT गठित
उत्तर प्रदेश पुलिस ने हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। जांच टीम का नेतृत्व लखनऊ रेंज के आईजी करेंगे।
SIT दुर्घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच करेगी। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था, एस्कॉर्ट और ट्रैफिक प्रबंधन में किसी संभावित चूक की भी पड़ताल की जाएगी।
क्या है राहुल गांधी के खिलाफ 2018 का मानहानि मामला?
यह मामला 8 मई 2018 को कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले बेंगलुरु में राहुल गांधी द्वारा कथित तौर पर दिए गए बयान से जुड़ा था। उस समय उन्होंने तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, जो अब केंद्रीय गृह मंत्री हैं, का उल्लेख एक हत्या के मामले के संदर्भ में किया था। यह संदर्भ सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामले से जुड़ा था, जिसमें अमित शाह को पहले ही आरोपमुक्त किया जा चुका था।
भाजपा नेता विजय मिश्रा, जो उस समय पार्टी के जिला उपाध्यक्ष और सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष थे, ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत दर्ज शिकायत में विजय मिश्रा ने कहा था कि राहुल गांधी की टिप्पणियों से उन्हें एक भाजपा कार्यकर्ता के रूप में ठेस पहुंची थी।
सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट ने किया बरी
इस मामले में राहुल गांधी को नवंबर 2023 में समन जारी किया गया था। वह 2024 की शुरुआत में अदालत में पेश हुए और उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके बाद मामले में दलीलें और सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
सुल्तानपुर की विशेष MP/MLA अदालत में अतिरिक्त सिविल जज शुभम वर्मा ने फैसला सुरक्षित रखते हुए 26 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की थी। राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना था।
अदालत ने सोमवार को राहुल गांधी को मानहानि मामले में बरी कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, फैसले में पर्याप्त सबूतों के अभाव का हवाला दिया गया, जबकि कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि अदालत ने संबंधित टिप्पणियों को मानहानिकारक प्रकृति का नहीं माना।
फैसला सुनाए जाने के समय राहुल गांधी अदालत में मौजूद थे। उनके बरी होने के बाद अदालत के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने खुशी मनाई।
इस तरह राहुल गांधी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में सुरक्षित रहे और सुल्तानपुर अदालत से भी उन्हें राहत मिली। वहीं, काफिले की गाड़ियों में हुई टक्कर की जांच SIT कर रही है।