अंकिता भंडारी हत्याकांड: उम्रकैद की सजा के बाद भी इंसाफ की लड़ाई जारी, राजघाट पर प्रदर्शन के दौरान मां बेहोश
नई दिल्ली, 5 नवंबर 2026 (पंजाब इन्फोलाइन): उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बावजूद उनके माता-पिता की इंसाफ की लड़ाई जारी है। 4 नवंबर को अंकिता के माता-पिता दिल्ली के राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ प्रार्थना की और मामले में कथित वीआईपी कनेक्शन की गहराई से जांच की मांग उठाई। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया। इसी बीच अंकिता की मां सोनी देवी की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गईं।
राजघाट पर क्या हुआ?
अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी और मां सोनी देवी कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ राजघाट पहुंचे थे। उनका उद्देश्य अपनी बेटी की हत्या से जुड़े उन सवालों को उठाना था, जिनका जवाब परिवार के मुताबिक अभी तक पूरी तरह सामने नहीं आया है।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि राजघाट परिसर में धरना और प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है। पुलिस की चेतावनी के बावजूद समूह वहां से नहीं हटा, जिसके बाद अधिकारियों ने उन्हें परिसर से बाहर कर दिया।
इस घटनाक्रम के दौरान अंकिता की मां सोनी देवी अचानक बेहोश हो गईं। उन्हें बुराड़ी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां अंकिता के माता-पिता ने आगे की चिकित्सकीय जांच कराने से इनकार कर दिया और बाद में आम आदमी पार्टी के एक विधायक के साथ चले गए।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर दी गई थी। छह दिन बाद, 24 सितंबर को उनका शव चिल्ला नहर से बरामद हुआ था।
इस हत्याकांड में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को आरोपी बनाया गया था। पुलकित आर्य पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा है।
मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, अंकिता पर रिजॉर्ट में आने वाले मेहमानों को कथित तौर पर यौन सेवाएं देने का दबाव बनाया जा रहा था। अंकिता ने इसका विरोध किया था। इसके बाद हुए विवाद के दौरान उन्हें चिल्ला नहर में धक्का दे दिया गया था।
इस घटना ने उत्तराखंड सहित पूरे देश में आक्रोश पैदा किया था। अंकिता के परिवार ने शुरुआत से ही मामले की निष्पक्ष और पूरी जांच की मांग उठाई।
मई 2025 में तीनों दोषियों को उम्रकैद
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद मई 2025 में कोटद्वार की अदालत ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को हत्या, साजिश तथा अन्य संबंधित धाराओं में दोषी ठहराया। अदालत ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। तीनों दोषी जेल में सजा काट रहे हैं।
लेकिन अदालत के इस फैसले के बाद भी अंकिता के माता-पिता की कुछ आशंकाएं दूर नहीं हुई हैं। परिवार का कहना है कि हत्या के पीछे कथित वीआईपी कनेक्शन से जुड़े सवालों की पूरी जांच होना जरूरी है।
क्या है हत्याकांड का कथित VIP कनेक्शन?
अंकिता भंडारी हत्याकांड के शुरुआती दिनों से ही यह सवाल उठता रहा है कि क्या रिजॉर्ट में किसी प्रभावशाली व्यक्ति को विशेष सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था।
वर्ष 2025-26 के दौरान सामने आई कुछ ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग में कथित वीआईपी का जिक्र होने के बाद यह मामला दोबारा चर्चा में आया। इन आरोपों के बीच पूर्व भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी सामने आया।
हालांकि, दुष्यंत कुमार गौतम ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया है। उनके खिलाफ लगाए गए ये आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं।
कथित वीआईपी कनेक्शन की जांच की मांग को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सीबीआई इस पहलू की जांच कर रही है।
परिवार अब भी क्यों मांग रहा है न्याय?
अंकिता के माता-पिता की मांग है कि हत्या के मामले में केवल तीन दोषियों को सजा मिलना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यदि इस घटना से किसी अन्य व्यक्ति का संबंध था, तो उसकी भूमिका भी पूरी तरह स्पष्ट होनी चाहिए।
परिवार विशेष रूप से कथित वीआईपी कनेक्शन की गहराई से जांच चाहता है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अंकिता पर किसके लिए दबाव बनाया जा रहा था और क्या मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी।
चार साल पहले हुई इस हत्या के मामले में तीन दोषियों को सजा मिल चुकी है। इसके बावजूद परिवार की लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है। राजघाट पर 4 नवंबर को हुई घटना ने एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड और उससे जुड़े अनसुलझे सवालों को चर्चा में ला दिया है।
फिलहाल, कथित वीआईपी कनेक्शन को लेकर लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं। किसी अन्य व्यक्ति की आपराधिक भूमिका को अदालत द्वारा स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।